कुलकलंकिनी – खुशी
मंदा ओ मंदा कहा मर गई कब तक सोती रहेगी।कल्याणी चिल्लाते हुए मंदा के कमरे में आई पर मंदा अपने बिस्तर पर नहीं थी।पास एक चिट्ठी पड़ी थी भाभी मै अपने सपनों को पूरा करने जा रही हूं।मै तुम्हारे शराबी भाई के साथ अपना जीवन नरक नहीं बना सकती क्योंकि मां बाबा के जाने के … Read more