स्मृतियों की धुंध
“अरे वाह! मुझे हमेशा से पता था कि तुम एक दिन बहुत बड़े अफसर बनोगे। तुम्हारी मेहनत और लगन ही ऐसी थी,” अवंतिका की आंखों में एक सच्चा गर्व झलक रहा था। “मैं यहां हिमाचल यूनिवर्सिटी में बॉटनी (वनस्पति विज्ञान) की एक नेशनल कांफ्रेंस में मुख्य वक्ता के तौर पर आई हूं। मैं चंडीगढ़ की … Read more