तनु धीरे-धीरे थाने के अंदर गई और वहां बैठे पुलिसकर्मी से अपनी एफआईआर लिखने के लिए कहा। थाने में उसकी अतिरिक्त बहुत से लोग बैठे थे तभी वहां पर घूमती एक महिला पुलिसकर्मी ने कहा आप अपनी रिपोर्ट पीछे वाली टेबल पर बैठी महिला पुलिसकर्मी को लिखवाइए।
तनु वहां पर गई , उसकी आंखें आंसुओं से भरी थी शायद यही कारण था कि उसे कुछ भी नहीं दिख रहा था उसने रोते हुए अपनी शिकायत सुनानी शुरू करी कि उसके साथ विश्वासघात हुआ है, रिंकू सोनी , व्यवसायी ,जो कि रिंकू हार्डवेयर कंपनी के मालिक हैं, उन्होंने पहले तो तनु को नौकरी पर रखा और फिर वह 3 साल से उनके साथ ही रह रही थी।
उन्होंने ही तनु का विवाह तुड़वाया और अब जब उन्हें कोई और लड़की पसंद आ गई है तो तनु को न केवल घर से अपितु नौकरी से भी निकाल दिया है। वह उनके खिलाफ अपने शोषण की रिपोर्ट लिखवाना चाहती थी।
अच्छा तो उन्होंने आपके साथ विश्वासघात किया है आपने तो किसी के साथ विश्वासघात नहीं किया ना? साथ वाली टेबल पर बैठे हुए दूसरे पुरुष पुलिसकर्मी की आवाज सुनकर वह चौंक गई। उसने नजर उठाकर सामने वाली टेबल पर देखा तो वहां जतिन बैठे हुए थे। जी हां जतिन उसके पूर्व पति।
आइए आपको तनु के बारे में बताऊं। तनु जतिन के ही पड़ोस में रहने वाली बहुत सुंदर लड़की थी। दिल्ली में बहुत से लड़के उसके साथ विवाह का सपना देखते थे। तनु को अपनी सुंदरता का पूरा भान था शायद यही कारण था कि वह अपना पूरा समय सिर्फ सुंदरता बनाए रखने में ही बिताती थी पढ़ाई से उसका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था।
किसी तरह से उसने दसवीं पास कर ली थी। जतिन की माताजी और तनु की माताजी क्योंकि दोनों के घर आसपास थे और वह बहुत अच्छी सहेली थी, इसलिए दोनों की यही इच्छा थी कि जतिन और तनु का विवाह हो जाए। जतिन की माता जी की तबीयत जब ज्यादा खराब हुई तो उन्होंने तनु की माताजी से जतिन और तनु का विवाह करने के लिए बिनती की।
तनु की चार छोटी बहनें और भी थी इसलिए तनु की मां इस विवाह के लिए इंकार नहीं करना चाहती थी जो कि बिना किसी दहेज के और घर के पास में ही हो रहा हो। जतिन के पिताजी नहीं थे बस घर में ही उन्होंने एक छोटी सी दुकान खोल रखी थी, कुछ जतिन के पिताजी की मां के नाम पेंशन आती थी
और उनके घर में ही बनी दुकान से घर का खर्चा आराम से चल जाता था। जतिन नौकरी के लिए पढ़ाई करता जाता था। हालांकि वह सरकारी नौकरी मिलने से पहले विवाह करने का इच्छुक नहीं था परंतु अपनी माता जी की इच्छा के आगे उसे झुकना ही पड़ा और तनु उनके घर दुल्हन बनकर आ गई। जतिन पढ़ाई और घर का काम विवाह के उपरांत भी यथावत करता रहा।
चाह कर भी वह कोई छोटी-मोटी नौकरी नहीं पकड़ सकता था क्योंकि मां की तबीयत बिगड़ने के कारण वह घूमने फिरने और विलासिता पर पैसे खर्च नहीं कर सकता था उसे सरकारी फार्म के भी पैसे देने थे और कुछ कोचिंग के लिए भी उसको खर्च करने थे।
तनु को सुंदर बनने के सिवा और कोई भी काम पसंद नहीं था। अब भी वह पहले के जैसे ही गली मोहल्ले में घूमती रहती थी और उसी बेबाकी से पुराने दोस्तों से बात करती रहती थी। केवल बात ही नहीं वह उन दोस्तों से उपहार भी पहले के जैसे ही लेती रहती थी।
हालांकि जतिन घर का खर्चा तो चला सकता था परंतु एक तो वह बेहद मितव्ययी था और उसको अपनी माता का भी पूरा ध्यान रखना था इस कारण वह जब तब तनु को समझाता भी था कि कुछ समय बाद उसकी अच्छी नौकरी लग जाएगी तब तक वह घर में यदि मां का ख्याल रख ले तो मां आशीर्वादों की जो बरसात लगाएगी, उससे घर में खुशियां ही आएंगी।
परंतु तनु ने उसकी एक भी नहीं सुनी और कुछ समय बाद वह बोली कि मुझे एक फर्म में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी मिल गई है और फिर उसके बाद उसने मनमाने समय पर आना और जाना शुरू कर दिया था। उसका यह रवैया देखकर जतिन की मां ही नहीं तनु की मां भी बहुत दुखी होती थी और एक दिन जब उसे उसकी मां ने ही डांट कर कहा कि तुम अपनी सास की सेवा क्यों नहीं करती हो?
तो वह चिल्ला कर बोली मुझे तो तलाक लेना है। हालांकि जतिन की मां को भी बहुत दुख हुआ परंतु दोनों के राजीनामा से तलाक जल्दी हो गया और ससुराल से मिले हुए सरे गहने और बहुत से पैसे वह लेकर चली गई। जतिन की माता जी को बहुत दुख हुआ और एक दिन वह भी परलोक सिधार गईं।
उसके बाद तनु से जतिन का मिलना कभी नहीं हुआ और तनु की माताजी ने तो कह दिया था मुझे और बेटियों की भी शादी करनी है अब इस घर की और तो रुख भी मत करना। सुनने में आया था कि तनु किसी के साथ लिव इन में रह रही है। जतिन की भी मेहनत रंग लाई और उसे पुलिस इंस्पेक्टर की नौकरी मिल गई थी।
अब जब जतिन ने तनु से पूछा कि तुमने तो किसी के साथ विश्वासघात नहीं किया तो तनु जतिन की और देखती ही रह गई। पुलिस यूनिफॉर्म में जतिन बेहद हैंडसम लग रहा था और वह———। कर्मों का फल तो मिलकर ही रहता है। इतने में ही महिला पुलिसकर्मी बोली जल्दी बोलिए मैडम आपको किसके खिलाफ रिपोर्ट करवानी है
किसने आपके साथ विश्वासघात किया है? तनु चुप थी और शर्मिंदा भी। बिना रिपोर्ट लिखवाए वह बाहर की ओर जाने लगी तभी महिला पुलिस कर्मी ने जतिन से कहा देखो, ऐसे लोग चले आते हैं इन्हें पता ही नहीं है कि इन्होंने कंप्लेंट किसके खिलाफ लिखवानी है।
तभी जतिन हंसते हुए बोला मैडम यहां पर अपने खुद के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने का कोई प्रोविज़न नहीं है शायद मैडम कुछ सोच समझ कर कल फिर आ जाएं।
पाठकगण कर्म हमेशा किसी न किसी रूप में लौट कर आते हैं। विश्वासघात करके कोई सोचता है कि वह जीत गया तो यह केवल उसका भ्रम है आपका इस बारे में क्या ख्याल है?
मधु वशिष्ठ, फरीदाबाद,हरियाणा।