अपनों का साथ
संडे का दिन था,बेटों के ऑफ़िस की छुट्टी थी रमा ने सोचा था आज थोड़ा आराम से ऊठूँगी…किंतु सुबह से ही किसी कौवे की लगातार काँव-काँव की आवाज आ रही थी..जिससे उसकी नींद जल्दी ही खुल गई।आवाज बंद होने का नाम ही नहीं ले रही थी…उसने खिड़की का पर्दा हटाकर बाहर देखा,तो..सामने के पेड़ पर … Read more