ईंट की दीवारें
“दीदी, तू आ गई! मुझे लगा तू भी मुझसे पराई हो गई।” मयंक रो पड़ा। स्मृति भी बाहर आ गई और शालिनी के पैर छूकर रोने लगी। शालिनी ने दोनों को बिठाया और भरे हुए गले से पूछा, “मयंक, ये सब क्या है? बाबूजी और अम्मा के जाने के बाद तुम दोनों ने इस घर … Read more