सच्ची आस्था का मार्ग
रमाकांत ने एक सरसरी निगाह उस वृद्धा पर डाली और फिर झुंझलाते हुए बोले, “अरे देवकी, तुम भी कहाँ इन सब के चक्कर में पड़ रही हो। ये तीर्थ स्थान है, यहाँ ऐसे हज़ारों लोग रोज़ आते हैं। हमारा संकल्प टूट जाएगा। चलो जल्दी, हमें बहुत देर हो रही है।” रमाकांत ने देवकी को फिर … Read more