घर ईंटों से नहीं, दिलों से बनता है – बिमला रावत जड़धारी
कमली ने अपने ससुराल वालों के सहयोग से अपनी माॅंजी (भरोसी) का अंतिम संस्कार कर दिया। अब तेरहवीं की व्यवस्था के लिए सास बोली,;तुम दूसरे हिस्से में रह कर शांति से अपनी माॅं का बाकी का काम निपटा लो। सारे रीति-रिवाज पंडित जी तुम से करा देंगे। अभी पितृ भोज की व्यवस्था भी करनी है। … Read more