बुढ़ापा – खुशी
आज घर में पकवानों की खुशबू बिखरी हुई थी।गुजिया, भल्ले,पूरी छोले तरह तरह की मिठाई और भी जाने क्या क्या। रामप्रसाद जी ने अपनी पत्नी सुनीता को उठाते हुए कहा अरे सुनीता जी आज क्या है घर में पकवानों की खुशबू उड़ रही है।पता नहीं जी अभी सुशीला आएगी तो बताएगी। कब आएगी सुशीला आज … Read more