घुटन भरे रिश्ते से आज़ादी – तन्वी

क्या कभी तुम्हें ऐसा लगा है कि तुम सांस ले रही हो पर जी नहीं रही हो? रिया के साथ हर दिन वही होता था। लोग कहते हैं लड़कियां पराया धन होती हैं पर रिया को लगता था कि वह धन नहीं, एक पिंजरा है जिसमें सिर्फ उसकी सांसें घुट रही थीं। रिया 20 साल … Read more

घुटन भरे रिश्ते से आजादी – डॉ आभा माहेश्वरी

शहर की भीड़ में रहने वाली मान्या बाहर से जितनी खुश दिखाई देती थी, भीतर से उतनी ही अकेली थी। उसका विवाह हुए आठ वर्ष हो चुके थे। घर सुंदर था, सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उस घर की दीवारों के भीतर उसका अपना कोई कोना नहीं था। उसकी हर पसंद पर सवाल … Read more

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