धोखेबाज़ कौन? – मीनाक्षी गुप्ता

राहुल की लग्जरी कार जैसे ही सिग्नल पर रुकी, अचानक उसकी आँखें सड़क पार जा टिकीं। उसने देखा कि उसकी प्रेमिका किसी दूसरे लड़के के साथ बाहों में बाहें डालकर घूम रही है। उसे बहुत दुःख हुआ, उसका दिल टूट गया। “धोखेबाज़ लड़की! हद है! मेरे जैसे सच्चे आशिक़ को यह सिला मिला? मैंने इस … Read more

समय समय की बात है – विनीता सिंह

एक शहर में रितु और साहिल बहुत अच्छे दोस्त थे ।रितु रंगों को बड़ी सुन्दर ढंग से उनकी कैनवस पर पेंटिंग्स बनाती।वही साहिल बहुत अच्छी कहानियां लिखता।रितु और साहिल दोनों ही अपने अपने घरों से दूर रह रहे थे एक ही कालेज में पढ़ते थे तो उनकी दोस्ती हो गई। दोनों अपने अपने क्षेत्र में … Read more

अधिकार प्रेम पर – रोनिता कुंडु

भैया… मैं तो दो तल्ले सोने का झुमका लूंगी, एक लौती बुआ हूं इसकी, अब इतना तो हक बनता है और नामकरण मेरे दिए हुए नाम से ही संपन्न होगा, तो कम में कैसे छोड़ दूं तुम्हें? सोनम ने अपने भैया जतिन को उसके बेटे के नामकरण पर कहा।  प्रभा जी:  अरे बेटी! तूने कुछ … Read more

सम्पति पर अधिकार किसका? – लतिका पल्लवी 

जो बेटा माँ बाप की सेवा नहीं कर सकता,उसे उनके पैसो पर भी नजर नहीं रखनी चाहिए।अभिषेक जी नें अपनी सम्पति से बेदखल करके अपने बेटे अनय को अच्छे से समझा दिया था। पापा नें उसे अपनी सम्पति से बेदखल कर दिया है सुनकर अनय तो एकदम ठगा ही रह गया था। कहाँ तो उसने … Read more

खून के आंसू रुलाना – सुदर्शन सचदेवा 

आज के समय में जिंदगी की रफ़तार जितनी तेज हो गई  है , उतनी ही मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। ऐसी ही एक कहानी है रिद्धि की, जो एक साधारण परिवार से थी, पर उसके सपने बिल्कुल असाधारण थे। वह फैशन डिज़ाइनर बनना चाहती थी, लेकिन हालात ने उसे खून के आँसू रुलाने में … Read more

दहेज – एम. पी. सिंह 

अनु कि शादी अनिल से हुई तो वो दहेज में बहुत सारा सामान लेकर आई. दहेज के दम पर वो बहुत इतरा रही थी. वैसे जो भी सामान वो लाई थी, लगभग वो सब पहले से घर मैं मौजूद था, पर फर्क इतना था कि थोड़ा पुराना था पर कोई खराबी नहीं थी. दो चार … Read more

अधिकार – खुशी

नंदीश एक हैंडसम लड़का था।वो स्मार्टनेस और खूबसूरती का मिला जुला मिश्रण था।कॉलेज में तो जो उसे देख ले वो लड़की उस पर फिदा थी।इस बात को वो भी जानता था और कॉलेज में उसके बड़े अफेयर भी रहे।तभी उसके कॉलेज में ध्वनि आई जो उसकी जूनियर थी जिसे देख पहली बार नंदीश का दिल … Read more

बचपन को खिलने दो – कमलेश आहूजा

“ये तू क्या सारा दिन हँसी ठिठोली करती रहती है सबके साथ।थोड़ा सा तो गंभीर रहना सीख।भाई बहनों में सबसे बड़ी है।जैसा तू करेगी वैसा ही छोटे भाई बहन करेंगे।”घर के सभी लोग अक्सर नेहा को यही नसीहत देते रहते थे। नेहा तीन भाई बहनों में सबसे बड़ी थी।पढ़ाई लिखाई में होशियार थी।हर साल फर्स्ट … Read more

जंग – संगीता त्रिपाठी 

 “नेहा ,तुम मुझे नही पहचान रही …मैं तुम्हारा पति विनय..”विनय  अधिकार से नेहा का रास्ता रोक कर बोला ।    “मेरा रास्ता छोड़ दें ..”     “कैसे छोड़ दें ,मत भूलो नेहा कानूनन तुम अभी भी मेरी पत्नी हो “दुष्टता से विनय बोला    “हां मां ,आप अपने पति और बेटे  को भूल गई ..”    बेटे की बात … Read more

दिल ढूंडता है – रवीन्द्र कान्त त्यागी

“नाश्ता तैयार हो गया क्या नीतू? जरा जल्दी निकलना है।” बाथरूम से नहाकर निकलते हुए बेताब से मधुर ने कहा। “अरे गीता, नाश्ता तैयार हो गया क्या। साहब को जल्दी निकलना है।” नीतू ने आवाज लगाई। “बस मेमसाब, आलू उबलने ही वाले हैं।” “ओ माय गौड़। अभी देर लगेगी। मुझे निकलना पड़ेगा नीतू। बिल्डिंग में … Read more

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