बंटवारे की लकीर

 वकील साहब ने आगे कहा, “जानकी भाभी ने आज सुबह ही इस निरस्तीकरण याचिका पर अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही तुम्हारे पापा की चारों दुकानें, यह पुश्तैनी मकान और बैंक के सारे खाते वापस जानकी भाभी के अधिकार में जा रहे हैं। और हां, पिछले डेढ़ साल से जिस तरह तुमने उन्हें … Read more

ताली दोनों हाथों से बजती है

  सरोजिनी जी सिद्धांतों की पक्की, बेहद सुलझी हुई और ममतामयी महिला थीं। उनके पति सरकारी बैंक से उच्च पद से सेवानिवृत्त हुए थे और अब एक संतोषी जीवन बिता रहे थे। परिवार में उनका बड़ा बेटा हर्षित, जो एक निजी कंपनी में आर्किटेक्ट था, उसकी पत्नी तूलिका और सरोजिनी जी की छोटी बेटी प्रज्ञा साथ … Read more

आँचल की छाँव

 कल्याणी फफक-फफक कर रो पड़ी। पूरा मंडप उस भावुक दृश्य को देखकर सन्न रह गया। वहाँ मौजूद हर आँख नम थी। पीहू अपनी भाभी माँ के गले से लिपट गई और दोनों इस तरह रोईं जैसे कोई माँ अपनी सगी बेटी को विदा कर रही हो। पीहू के आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे … Read more

राह का भटका मुसाफिर

  “तुम कह रहे हो कि तुम्हारे बड़े भैया के सामने किसी ने शर्त नहीं रखी थी? चिराग, जब तुम्हारे भैया की शादी के लिए मेरे पिताजी के पास रिश्ता गया था, तो मेरे पिता ने बिना किसी शर्त के हां इसलिए कह दी थी क्योंकि तुम्हारे भैया ने अपनी मेहनत और संस्कारों से पहले ही … Read more

अपने ही आंगन में पराये कदम

 साक्षी झल्लाते हुए तकिए पर हाथ पटक कर बोली, “राहुल! मैंने तुमसे पहले ही कहा था कि मम्मी-पापा को मत बुलाओ। ये पुराने जमाने के लोग आएंगे तो हर बात में नुक्स निकालेंगे। यह मत करो, वो मत करो। आजकल डॉक्टर खुद फॉर्मूला मिल्क की सलाह देते हैं। मुझे थोड़ा आराम चाहिए, मेरा सिजेरियन हुआ … Read more

अहंकार की दरार

 कल्याणी जी ने प्राची के दोनों कंधों को अपनी हथेलियों से कसकर पकड़ा और उसकी आँखों में आँखें डालकर बहुत ही मार्मिक मगर तीखे स्वर में कहा, “प्राची! मैं न तो अपनी बहू की बेजा तरफदारी कर रही हूँ और न ही तुझसे कोई दुश्मनी निभा रही हूँ। मैं सिर्फ अपनी उस बेटी को सच … Read more

मौन प्रतिभा का उजाला

  मिहिर और नंदिनी। दोनों ने देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान से रोबोटिक्स और ऑटोमेशन में एक साथ एम.टेक की डिग्री पूरी की थी। कॉलेज के दिनों में प्रोफ़ेसर भी मानते थे कि अगर मिहिर के पास तीव्र विश्लेषणात्मक दृष्टि है, तो नंदिनी के पास जटिल से जटिल एल्गोरिदम और कोडिंग की गुत्थियों को चुटकियों में … Read more

टूटे हुए विश्वास

अदालत की संगमरमरी फर्श पर उसके भारी कदम डगमगाए और वह वहीं एक कोने में खंभे का सहारा लेकर बैठ गया। उसकी आंखों से आंसुओं का सैलाब बह निकला, जिसे रोकने की शक्ति अब उसके भीतर नहीं बची थी। कुछ ही कदम की दूरी पर उसकी नजरें उस दृश्य पर टिक गईं, जिसने उसके सीने … Read more

जब ममता लावारिस हो गई

 पल्लवी का हाथ वहीं थम गया। वह सोफे पर धप से बैठ गई और उसका पूरा बदन कांपने लगा। अंबर की आंखों से आंसुओं का सैलाब फूट पड़ा। जिस बच्चे के सामने वे अपनी तथाकथित आधुनिकता और व्यस्तता का ढोंग कर रहे थे, उस बच्चे ने उनके कर्मों का आइना उनके सामने लाकर रख दिया … Read more

तराजू के दो पलड़े

  छोटे बेटे मयंक की शादी तय हो चुकी थी और पूरा परिवार तैयारियों में जुटा था। बैठक में गहनों के कैटलॉग, साड़ियों के डब्बे और शादी के निमंत्रण पत्रों की सूचियां फैली पड़ी थीं। परिवार में वर्षों बाद कोई बड़ा उत्सव आया था, इसलिए हर कोई अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाने में लगा था। कमलेश जी अपने … Read more

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