सच्ची श्रद्धांजलि – कमलेश आहूजा
लगभग एक वर्ष बीत गया था रमेश को इस संसार को अलविदा कहे हुए।रमा पति की यादों में खोई हुई थी।पति के साथ बिताए हुए हर एक लम्हें को इस एक वर्ष में उसने हजारों-हजार बार जिया था।पति को याद करते हुए कभी उसकी आँखें नम हो जातीं तो कभी होंठो पर खोई हुई मुस्कान … Read more