मेरे जैसे बदनसीब दुनिया में कोई नहीं – सीमा सिंघी 

नंदू के जाने के बाद गीता की जिंदगी बड़ी वीरान हो गई थी। उसने बड़ी भाग दौड़ कर अपने पति नंदू का इलाज कराया मगर अचानक ऐसी निगोड़ी बीमारी आ लगी । जो नंदू को ले जाकर ही शांत हुई। नंदू तन से गरीब था मगर मन से नहीं इसीलिए वो गीता और अपनी दस … Read more

मेरे जैसे बदनसीब दुनिया में कोई नहीं – सीमा सिंघी

नंदू के जाने के बाद गीता की जिंदगी बड़ी वीरान हो गई थी। उसने बड़ी भाग दौड़ कर अपने पति नंदू का इलाज कराया मगर अचानक ऐसी निगोड़ी बीमारी आ लगी । जो नंदू को ले जाकर ही शांत हुई। नंदू तन से गरीब था मगर मन से नहीं इसीलिए वो गीता और अपनी दस … Read more

बदनसीब नहीं मैं – विमला गुगलानी

     जिस दिन से रवीना को यह पता लगा कि वह इस परिवार की अपनी बेटी नही, गोद ली गई है, उसी दिन से से उसके स्वभाव में अजीब सा परिवर्तन आ गया। हर समय चहकने वाली सतरह वर्षीय चुलबुली रवीना जैसे गुमसुम सी हो गई।कालिज में इसी साल प्रवेश लिया।नया माहौल, कुछ नई पुरानी सहेलियां, … Read more

*मेरे जैसे बदनसीब इस दुनिया में कोई नहीं* – तोषिका

आज पूरे १० साल हो गए है, दुनिया आगे बढ़ गई है पर मैं वही कि वही रह गई जहां मैं १० साल पहले थी, खिड़की से बाहर ढलते सूरज को देखते हुए मीना बोली। जैसे जैसे सूरज ढल रहा था, मीणा भी मायूस हो रही थी क्योंकि उसको वो ही १० साल पहले की … Read more

नालंदा – डॉ बीना कुण्डलिया 

भारती तेज कदमों से चलने लगी आज वो जल्दी ही घर पहुँच जाना चाहती थी। जैसे ही बेटी नालंदा ने अपने अस्पताल में नियुक्त होने की फोन में उसको सूचना दी थी तभी से फैक्ट्री में उसका बिल्कुल मन नहीं लग रहा था। घर पहुंचते ही दरवाजे के बाहर खड़ी नालंदा दौड़कर उसके गले लग … Read more

मेरे जैसे बदनसीब दुनिया में कोई नहीं। – संजय सिंह

 रोहित ने जीवन में अच्छे से पढ़ाई की। खूब मेहनत की और आखिरकार उस मुकाम तक पहुंच गया ।जिसके लिए अक्सर हर व्यक्ति पढ़ता है ।रोहित को सरकारी विभाग में एक नीति के तहत नौकरी मिल गई। अब वह एक शिक्षक के रूप में नौकरी करने लगा। घर वाले खुश थे। रोहित भी खुश था। … Read more

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