घर के लक्ष्मी का सम्मान – डाॅ उर्मिला सिन्हा

   बड़ी सी हवेली कई-कई  हवादार कमरे सुसज्जित।  हवेली के पीछे बड़ा सा फलों का बाग साम tcने रंग-बिरंगे फूलों का बागीचा। चारदिवारी के भीतर ही स्वच्छ न निर्मल जल का पोखरा जिसमें तरह-तरह की मछलियां तैरती रहती। माली के साथ दो-चार सेवक बाहर-भीतर घर की साफ-सफाई देखभाल में लगे रहते।  सुख-समृद्धि,रिद्धि -सिद्धि का वास था … Read more

*घर के लक्ष्मी का सम्मान* – तोषिका

आज भगवान ने हमारी सुन ली, हमें बहु के रूप में एक बेटी दे दी खुश होते हुए माही के सास ससुर बोले। अरे समधन जी आज से हमारे घर की लक्ष्मी, आपके घर की लक्ष्मी है। माही की सास बोली “आप लोग फिकर ना कीजिए, माही बेटी को हम बिल्कुल पलकों की छांव में … Read more

भाग्य का दोष नहीं  _सोच का दोष है ।। – अंजना ठाकुर

कुसुम जी को अपनी बेटी सुरभि की शादी की बहुत चिंता थी उनका मानना था लड़की एक बार अपने घर चली जाए तो वो गंगा नहा ले ।सुरभि पढ़ी लिखी थी लेकिन कुसुमजी की सोच के कारण वो नौकरी नहीं कर पाई उनका सोचना था कि बाहर निकलते ही लड़कियां बिगड़ जाती है सुरभि के … Read more

घर की लक्ष्मी का सम्मान – विनीता सिंह

कर्नल रमेश जी आर्मी से रिटायर होने के बाद अपने परिवार के साथ रहने लगे। उनके पास धन दौलत किसी भी चीज की कमी नहीं थी उनका बेटा एक बहुत बड़ा बिजनेसमैन था। उसका नाम समीर था। समीर और उसकी पत्नी मीरा दोनों साथ रहते थे समीर हर समय पैसे और ज्यादा से ज्यादा से … Read more

घर की लक्ष्मी – खुशी

चारु एक भरे पूरे घर की लड़की थी।मां शीला पापा  रमन शर्मा।चाचा विवेक और उनकी पत्नी रजनी।चारु एक भई बहन थे।चारु का भाई रजत ।चाचा के दो बेटे थे  नामित और सुमित सभी लोग बड़े प्यार से रहते।रमन जी बैंक में थे और विवेक का अपना हार्डवेयर स्टोर था।रजत mnc मे था।वही चारु ने इंटीरियर … Read more

घर के लक्ष्मी का सम्मान – डाॅ उर्मिला सिन्हा

     बड़ी सी हवेली कई-कई हवादार कमरे सुसज्जित। हवेली के पीछे बड़ा सा फलों का बाग सामने रंग-बिरंगे फूलों का बागीचा। चारदिवारी के भीतर ही स्वच्छ न निर्मल जल का पोखरा जिसमें तरह-तरह की मछलियां तैरती रहती। माली के साथ दो-चार सेवक बाहर-भीतर घर की साफ-सफाई देखभाल में लगे रहते। सुख-समृद्धि,रिद्धि -सिद्धि का वास था इस … Read more

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