घर ईंटों से नहीं, दिल से बनता है – शुभ्रा बैनर्जी
रामेश्वरम ने अपनी पत्नी कमला से वादा किया था, एक सुंदर घर बनाकर कमला को उपहार देने का।हर महीने हार्ड वेयर की दुकान जाते, साथ में एक छोटी सी डायरी और पेन लेकर।दुकान में जाकर सीमेंट,और सरिया की कीमत पूछकर लिखते थे। दुकानदार ने पूछा एक दिन”दादा, पिछले बारह सालों से यही काम कर रहे … Read more