ममता की छांव
“इतना बड़ा पाखंडी? इतना घिनौना झूठ? मां को सड़क पर बेसहारा छोड़ दिया और यहां आकर लाखों के टूर की झूठी कहानियां सुना रहा है!” चारों तरफ से लानतों और तानों की बौछार होने लगी। विकास का सिर शर्म से झुककर सीने से लग गया था। वह अपनी जगह पर पत्थर की तरह गड़ा हुआ … Read more