मेरे आसुंओं की कीमत तो चुकानी पड़ेगी – मंजू ओमर 

सामने गायत्री जी का पार्थिव शरीर पडा था और विमला फूटफूटकर रो रही थी। अंतिमयात्रा की तैयारियां चल रही थी। वही गायत्री देवी के पार्थिव शरीर से थोड़ी दूर पर गायत्री के दोनों बहू बेटे बैठे थे। बहुए नकली रोने का ढोंग कर रही थी और बड़े बहू और बेटे की आखों मे तो तनिक … Read more

आंसुओं का मोल – कमलेश आहूजा

चंदा रे मेरे भैया से कहना बहना याद करे..दूर कहीं रेडिओ में गाना बज रहा था और गाना सुनकर मेघा की आंखों से अश्रु की धारा बह रही थी।रक्षाबंधन का दिन था,उसे छोटे भाई रोहन की बहुत याद आ रही थी जो कुसंगति में पड़कर घर छोड़कर चला गया था।मेघा अपने भाई से बहुत प्यार … Read more

आंसुओं की कीमत – तोषिका

जल्दी जल्दी काम कर लेती हू, बुआ जी बस आने ही वाली होगी, अपने आप से बात करती हुई नेहा बोली। तभी वहां पर राजेश, उसका पति आया और उसको इतनी हड़बड़ाहट में देख कर बोला, नेहा कोई नहीं सारा काम हो जाएगा, तुम फिकर मत करो मैं सब संभाल लूंगा। नेहा बोली “आपको तो … Read more

 जीवनसाथी के आंसू  – गीता वाधवानी

 आज मैं तुम्हें अकेले में रोता तड़पता देख कर बहुत खुश हूं। आप लोग सो रहे होंगे कि मैं किसके लिए कह रही हूं और क्यों?   मैं हूं स्वर्गीय नंदिता और यह शब्द मैं  अपने पति के लिए कह रही हूं। अब आप सोचेंगे कि कैसी पत्नी है निर्दयी  और स्वार्थी, लेकिन जब आप मेरी … Read more

आंसू – खुशी

लक्ष्मी एक सीधी साधी महिला थी।जिसकी शादी केशव से हुई ।जो अपने माता पिता की इकलौती संतान था।घर की जमीन घर  ससुर राजीव की सरकारी नौकरी सास नीला देवी ससुर साहब के हाथों का छाला जरा सा आंख में बाल भी आ जाए तो पूरा डॉक्टर की टीम खड़ी करदे।केशव बचपन से ही गुस्से का … Read more

आंसुओं की कीमत – मधु वशिष्ठ

मम्मी आप नया नौकर क्यों नहीं रखती हो? ” प्रिया बोली”।  बेटा ,मैंने साथ वाली आंटी को बोला तो है, थोड़ा ठीक हो जाऊं ,तो बाहर बैठकर कोई काम वाली ही ढूंढ लूंगी। सिर दर्द से फटा जा रहा है ,जरा थोड़ी अदरक वाली चाय तो बना देना । सवेरे से काम कर कर के … Read more

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