मेरे आसुंओं की कीमत तो चुकानी पड़ेगी – मंजू ओमर
सामने गायत्री जी का पार्थिव शरीर पडा था और विमला फूटफूटकर रो रही थी। अंतिमयात्रा की तैयारियां चल रही थी। वही गायत्री देवी के पार्थिव शरीर से थोड़ी दूर पर गायत्री के दोनों बहू बेटे बैठे थे। बहुए नकली रोने का ढोंग कर रही थी और बड़े बहू और बेटे की आखों मे तो तनिक … Read more