वक्त की मार । – उमा वर्मा

साँझ का उजाला छिपने को है।अंधेरा अपने पैर पसारने के लिए तैयार है।खिड़की के पास खड़ी गायत्री अपने बीते दिनों को याद कर रही है ।वक्त की मार से वह भी कहाँ बच पायी है।बेटा अपने ससुराल गया है प्रिया को लिवाने।कई साल पीछे लौटी है गायत्री ।कितनी सुखी गृहस्थी थी उसकी । अच्छे पति … Read more

वक्त की मार बहुत गहरी होती है – मंजू ओमर 

इंसपेक्टर साहब इस आदमी ने मेरे साथ धोखा किया है। मुझसे शादी करके मेरी बेटी के साथ बलात्कार किया है।  इंस्पेक्टर हंसा अरे क्या कह रही है तू एक पिता अपनी बेटी के साथ बलात्कार करेगा‌ क्यों झूठा इल्जाम लगा रही है तू शरिफ इंसान पर। तुम लोग बस पैसे वाले इंसान को फांसती हो … Read more

वक्त की मार – खुशी

राजन एक स्मार्ट हैंडसम लड़का था।सिटी बैंक में मुंबई ब्रांच में नौकरी करता था।  माता सीमा और पिता योगेश दोनो govt employee थे।पिता योगेश आईजी ऑफिस में थे और मम्मी bhel में थी।एक बहन थी श्रेया जो डेवलपर का कोर्स कर रही थी।भोपाल शहर में अपना 500 गज में कोठी बनी थी। मां बाप को … Read more

*वक्त की मार* – तोषिका

ऐसे ही चलता रहा ना तो इस *वक्त की मार* में पीछे रह जाओगे और सब तुम्हारे आगे निकल जाएंगे। बचपन से यही सुनता आ रहा हू, और मानता आ रहा हू पर इस भेड़ चाल के चलते मैने अपना सब कुछ पीछे छोड़ दिया, सही कहते है लोग कि वक्त किसी का अपना नहीं … Read more

कल क्या हो जाए किसको खबर।। – अंजना ठाकुर

निधि शहर के प्रतिष्ठित व्यवसायी की बेटी थी बचपन से ही हर मांग पूरी होने पर उसके मन में यही बस गया कि खुशी सिर्फ पैसों से मिलती है रिश्तों की कद्र करना सीखा नहीं और ना देखा क्योंकि पापा व्यवसाय बढ़ाने में लगे रहते और मां सामाजिक कार्य और पार्टी में अपना समय गुजारती … Read more

वक्त की मार – मधु वशिष्ठ

बहुत समय बाद भावना को एक सेमिनार के सिलसिले में दिल्ली आना पड़ा। पूरी रात मां के साथ पुरानी यादें ताजा करते रहे। क्योंकि सेमिनार पुराने घर के पास था, और भावना ने विचार बनाया था कि वह ताई जी ताऊ जी से मिलकर ही सेमिनार स्थल पर जाएगी।      रह रहकर बचपन का वह समय … Read more

वक्त की मार – करुणा मलिक

  पार्वती, बस कर, बाकी काम सवेरे खत्म कर लेंगे। घर पहुँचते-पहुँचते दिन ढल जाएगा।  हाँ जिज्जी, सोच तो मैं भी यही रही थी पर कहीं बूँद ना पड़ जाएँ रात में….. बड़ी मुश्किल से तो गेहूँ काटे है ं …  ना… आज रात बूँद ना पड़ेगी। और पड भी गई तो, कितने गेहूँ खड़े हैं … Read more

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