कच्चे धागों का अटूट बंधन
प्रकाश की ये बातें सुनकर मालती की आंखों से आंसुओं का बांध टूट पड़ा। उसने रोते हुए कहा, “बस कीजिए। एक शब्द और मत कहिएगा। माफी तो मुझे मांगनी चाहिए। पता नहीं मुझे क्या हो गया था जो मैं इतनी अंधी हो गई थी। मैं कैसे भूल गई कि इन मुश्किल हालातों में भी आप … Read more