अनकहे अल्फ़ाज़: एक नई सुबह की तलाश
इतना सुनते ही इशिता की आँखों से आंसुओं का बांध टूट पड़ा। वह फूट-फूट कर रोने लगी। कबीर ने उसे चुप नहीं कराया। उसने इशिता को रोने दिया, उसके मन के सारे गुबार को आंसुओं के रास्ते बाहर निकलने दिया। जब इशिता थोड़ी शांत हुई, तो उसने अपने दिल का एक-एक पन्ना कबीर के सामने … Read more