फ्लैट नंबर 403 – श्वेता अग्रवाल
फ्लैट नंबर 402 का दरवाजा हमेशा बंद रहता था। भीतर रहते थे सत्तर वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर कृष्णकांत। उनके दोनों बेटे बरसों पहले विदेश जाकर बस चुके थे। वे महीने में एकाध बार फोन करके अपने दायित्व की पूर्ति कर लेते थे। अकेले रहते-रहते और बच्चों की बेरुखी के कारण प्रोफेसर कृष्णकांत बहुत चिड़चिड़े हो गए … Read more