राजन एक स्मार्ट हैंडसम लड़का था।सिटी बैंक में मुंबई ब्रांच में नौकरी करता था। माता सीमा और पिता योगेश दोनो govt employee थे।पिता योगेश आईजी ऑफिस में थे और मम्मी bhel में थी।एक बहन थी श्रेया जो डेवलपर का कोर्स कर रही थी।भोपाल शहर में अपना 500 गज में कोठी बनी थी।
मां बाप को अपने बच्चों पर बड़ा घमंड था।योगेश जी तो किसी को कुछ समझते ही नहीं थे।सीमा जी के भाई राजेश भी वही पास में ही रहते रहते थे जो govt employee ही थे पर पोजीशन और हैसियत में सीमा जी के परिवार से कम थे। राजेश के परिवार में उनकी पत्नी रजनी और दो बेटियां नमिता और काजल थी
साधारण सी दिखने वाली लड़कियां पर पढ़ाई लिखाई में अच्छी।राजन के लिए बहुत लोग चाहते थे कि उसका रिश्ता उनकी लड़की से हो पर ऐसा नहीं हो सका ।उसी बीच नैना का रिश्ता राजन के लिए आया । नैना प्रोफेसर थी अच्छी सैलरी अच्छी जॉब सब था ।
नैना सावली सलोनी मन को भाने वाली लड़की थी। राजन के मामा ने ही यह रिश्ता बताया था।लड़की को देखते ही राजन के माथे पर त्योरियां आ गई फिर लड़की के पिता एक छोटी सी फर्म में काम करते थे।मां हाउसवाइफ थी घर भी छोटा सा सिंपल सा था।योगेश को घर पसंद नहीं आया ।
राजन और नैना को बाहर बात करने भेजा गया तो राजन बोला सॉरी मै तुमसे शादी नहीं कर सकता।तुम मेरे टाइप की नहीं हो कहा मै कहा तुम पता नहीं मामा ने क्यों ये रिश्ता दिखाया ।कुछ देर बैठ वो घर आ गए।आते ही योगेश और राजन राजेश पर चढ़ गए क्या रिश्ता दिखाया ऐसे भिखारियों के यहां मैं अपने बेटे की शादी करूंगा।
यार मामा लड़की तो देखते कोयला प्लीज़ अपनी बेटी के लिए इस तरीके का रिश्ता देखना।राजेश बेइज्जत हो अपने घर आ गया।रजनी ने पूछा क्या हुआ तो राजेश ने सारी बातें बताई और बोला बहुत जलील किया मुझे और दीदी कुछ नहीं बोली।आप क्यों पड़ते हैं इनके चक्करों में बहुत घमंड है
उन लोगों को अपनी अमीरी का वो इंसान को इंसान नहीं समझते। बात आई गई हो गई कुछ दिन बाद सीमा मिठाई लेकर राजेश के घर आई बोली राजन का रिश्ता पक्का हो गया है।लड़की मुंबई की है डॉक्टर गुजराती परिवार है ।घर में भाई और पापा है मां का देहांत हो चुका है,
बहुत पैसे वाले हैं। लड़की का क्या नाम है रजनी ने पूछा ? मेघना पापा विजय कुमार भाई नोमान उनका बिज़नेस है अगले महीने 16 तारीख को सगाई है और फिर अक्टूबर में शादी सबको चलना है सगाई में बस कपड़े अच्छे ले लेना पैसों की जरूरत हो तो बताना।
सीमा चली गई।नमीता बोली पापा ये बुआ खुद को क्या समझती हैं हर समय हमारी गरीबी का मजाक बनाती है।भगवान की दया से हम उनसे कुछ मांगने नहीं जाते। छोड़ो बेटा ईश्वर सब देखता है वक्त अपने आप ही हिसाब किताब तय करता है। सब लोग सगाई में गए
वहां दिखावा तो बहुत था पर दिल मिलने वाला कुछ नहीं था।लड़की आई जो घमंडी लग रही थी थोड़ी उसकी गर्दन भी अकड़ी हुई थी। राजन को सगाई में सूट ,चैन,घड़ी,ब्रेसलेट ,गाड़ी और 50 लाख कैश मिला।लड़की को भी योगेश के परिवार ने साड़ी,गहने कपड़े दिए। लेना देना अच्छा था।
लड़की ने तो साफ सारी रस्में करने से मना कर दिया क्योंकि उसका मेकअप खराब हो जाता।सबके सामने सीमा की बेइज्जती हुई पर बेटे के कारण वो कुछ नहीं बोली।शादी तय होने के बाद से धीरे धीरे सब बदल रहा था। शादी सारे फंक्शन मुंबई में हुए ।शादी के बाद भी बहु
एक बार भी भोपाल नहीं आई ।दिवाली का त्योहार आया सारी तैयारी हो गई क्योंकि राजन ने बोला था कि मेघना और मै आयेंगे।पर दिवाली वाले दिन सुबह फोन आ गया हम नहीं आ रहे।सीमा जी की तबियत दिन पर दिन बिगड़ रही थी डॉक्टर को दिखाया तो ब्रेस्ट कैंसर निकला ।राजन तब आया और बोला मै और मेघना कनाडा शिफ्ट हो रहे है।
डॉक्यूमेंट लेने आया था।सीमा जी रोकती रही पर वो नहीं रुका।सीमा जी की हालत दिन पर दिन बिगड़ रही थी।मुंबई में टाटा मेमोरियल में उनका ट्रीटमेंट हो रहा था पर बेटा देखने भी नहीं आया।राजन का घर होने के बाद भी सीमा और योगेश होटल में ही रुके।
सीमा जी योगेश जी को बोल रही थी कि श्रेया के लिए लड़का देखो टाइम कम है मेरे पास।तब भी राजेश का परिवार ही काम आया । राजेश की बेटी नमिता की बहुत बड़ी कंपनी में जॉब लग गई थी उसका फ्लैट था जिसमें राजेश रजनी भी रहते थे। सीमा का सुन वो दौड़ते हुए आए।
योगेश जी को बहुत सहारा हो गया।सीमा ने राजेश से कहा कि श्रेया के लिए लड़का देखो।राजेश ने विशाल का रिश्ता बताया जो IBM में था।घर में माता पिता थे पापा मोहन की govt job थी और मम्मी शिवानी स्कूल में टीचर थी।वो भोपाल के ही रहने वाले थे पर विशाल बैंगलोर में था ।रिश्ता तय होगया और जल्दी ही शादी भी ।
शादी में दोनो आए मेघना मेहमानों की तरह पहुंची और अगले दिन सुबह मुंबई निकल गई।श्रेया की शादी अच्छे से हो गई और वो बैंगलोर आ गई उधर राजेश का परिवार सीमा के साथ आखिर तक खड़ा था।सीमा की मृत्यु हो गई योगेश अकेले रह गए।कभी बेटी के पास जाते बेटा तो सारे संबंध तोड़ बैठा था।तभी पता चला कि मेघना का एक्सीडेंट हो गया है इसलिए वो इंडिया वापस आ गए है।
मेघना काफी टाइम बेड पर थी बाद में भी कुछ ना कुछ कॉम्प्लिकेशन थे। ना वो मां बन पाई ।पैसे के लालच में राजन उसके साथ बंधा था।उधर एक दिन शाम को योगेश पार्क में टहल रहे थे कि उनके पास एक लड़का आया 4 साल का होगा ।पीछे पीछे एक महिला भी आई वो नैना थी।योगेश को देख उसने प्रणाम किया।योगेश ने पूछा यहां कैसे उसने बताया मेरा ससुराल यही है।उसके पति राघव bhel में ऑफिसर थे।
नैना बहुत प्यारी लग रही थी।सीमा का सुन दुखी हुई ।तभी उसके ससुर आनंद वहां आए बोले चलो बेटा चले वो अपने ससुर के साथ बाते करती जा रही थी।योगेश सोच रहे थे शायद हमपर वक्त की मार पड़ी हैं हमारा पूरा घर बिखर गया। शाम को राजेश का फोन आया कि नमिता का रिश्ता पक्का हो गया है अगले महीने शादी में आपको आना है और छोटी को पुणे में जॉब लग गई हैं।योगेश खुश हुए चलो कुछ दिन तो बाहर जाने मिलेगा।
शादी अच्छे से हुई श्रेया भी आई थी। सब शादी होने के बाद बैठे बाते कर रहे थे।योगेश बोले मुझे लगता हैं कि हमारी करनी हमारे सामने आई है हम इंसान को इंसान नहीं समझते थे।राजेश रजनी हमने तुम्हारा और तुम्हारे बच्चों का भी दिल दुखाया है हमे माफ कर दो। आज तुम्हारे बच्चे काबिल हैं
तुम्हे पूछते है हम जिस बेटे पर घमंड करते थे वो तो हमे ही नहीं पूछता।अपनी मां के लिए भी उसके पास वक्त नहीं था।ईश्वर ने अपनी मार से ये समझा दिया कि सबसे बड़ी इंसानियत है बाकी कुछ नहीं।मुझे माफ करदो राजेश प्लीज़ ।राजेश बोला नहीं जीजाजी आप माफी मत मांगिए जो हो गया उसे भूल जाइए।आज राजन अकेला बीमार बीवी के साथ जीवन काट रहा है।योगेश बेटी के यहां या राजेश के यहां आते जाते रहते हैं।पार्क में बच्चों को देख मन हिलोरे मारता है अपने नाती पोतों के लिए पर क्या करे कही कुछ नहीं है।
स्वरचित कहानी
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खुशी