ढीठ – संध्या त्रिपाठी
बड़ी ढीठ हो यार तुम… एक बार मना कर दिया फिर भी मानती नहीं हो…जिद पकड़ कर बैठी हो …आखिर चाहती क्या हो तुम…? तुम्हारे अंदर थोड़ा भी आत्मसम्मान है या नहीं ….बिल्कुल चिल्लाने वाले अंदाज में प्रत्यूष ने कहा… आपने मेरी ढिठाई अभी देखी कहां है प्रत्युष…? बचपन से ये ढीठ शब्द सुनते आई … Read more