दिल का दर्द

“अबे ओए किताबी कीड़े! तुझे क्या लगा, तू आवाज़ बदलेगा और मूंछें बढ़ा लेगा तो हम तुझे पहचान नहीं पाएंगे? साले, पच्चीस साल तो क्या, अगर पच्चीस जनम भी बीत जाते, तो भी तेरी ये झुकी हुई शक्ल और सहमी हुई आँखें हम दूर से पहचान लेते। तू हमें खाना परोस रहा था, ये देखकर … Read more

सच्चा दांपत्य जीवन

शाम के करीब चार बज रहे थे। गुलमोहर एन्क्लेव के सेंट्रल पार्क में सुहागिन महिलाओं की चहल-पहल शुरू हो चुकी थी। लाल और गुलाबी जोड़ों में सजी धजी महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनने के लिए इकट्ठा हो रही थीं। इसी सोसाइटी में पिछले महीने ही शिफ्ट हुई राधिका भी अपनी पूजा की थाली लिए … Read more

विश्वासघात

“यह… यह क्या बकवास है!” विकास अपनी जगह से उछल पड़ा। “आप ऐसा नहीं कर सकते पिताजी! यह हमारा हक है! हम आपके खून हैं!” शिखा भी चीखने लगी, “जरूर इस रमेश मुनीम ने या किसी और ने आपके कान भरे हैं पिताजी! आप बुढ़ापे में अपना दिमागी संतुलन खो बैठे हैं। हम इसे कोर्ट … Read more

सैंडविच जनरेशन’

सुधा जी ने अपनी साड़ी के पल्लू से आँखें पोंछते हुए कहा। “याद है आपको जब मेरी शादी होकर बनारस आई थी? अम्मा जी (रामनाथ जी की माँ) का कितना कड़ा अनुशासन था। सुबह चार बजे उठकर पूरे घर का आंगन लीपना, चूल्हे पर सबके लिए रोटियां सेंकना। मजाल है जो कभी अपनी मर्जी से … Read more

इंसानियत का असली पैमाना

“मम्मा, वो पुराने जूते तो घर की अलमारी में सुरक्षित रखे हैं ना? लेकिन उस दादी के पैर तो अभी जल रहे थे। क्या वो तपती हुई सड़क मेरे पुराने जूतों के आने का इंतज़ार करती? और मम्मा, आप ही तो कहती हो कि भगवान को हमेशा ताजे फूल और सबसे अच्छी चीज़ चढ़ानी चाहिए। … Read more

अधिकार

विवान ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “हां, मैं मान गया कि हक मांगना कोई गलत बात नहीं है। आखिर कानून भी कहता है कि संपत्ति में बराबरी का अधिकार होना चाहिए। लेकिन सौम्या, एक बात बताओ, यह बराबरी का अधिकार सिर्फ बेटों तक ही सीमित क्यों रहे?” सौम्या की मुस्कान थोड़ी फीकी पड़ी। … Read more

करवाचौथ

सुबह की पहली किरण अभी ठीक से फूटी भी नहीं थी कि घर में बर्तनों की हल्की सी खनक और सुमित्रा जी की आवाज़ गूंजने लगी थी। श्रुति के लिए आज का दिन बेहद खास था। शादी के बाद यह उसका पहला करवाचौथ था। वैसे तो उसने अपनी माँ को हमेशा पूरे विधि-विधान से यह … Read more

कर्मा लौटता है 

अगर तुम चाहो, तो अम्मा हमारे साथ, हमारे घर में रह सकती हैं। बच्चों को इनसे बेहतर और सुरक्षित हाथ नहीं मिल सकते, और अम्मा को भी उनका खोया हुआ परिवार और बच्चों का साथ वापस मिल जाएगा।” मीरा ने बिना एक पल गँवाए आगे बढ़कर मालती देवी के हाथ पकड़ लिए। “क्या आप सच … Read more

भाभी माँ

आज जब मैं घर में घुसा, तो मैंने देखा कि बाहर बरामदे में ताई जी के परिवार की गाड़ियां खड़ी थीं, जो शायद अभी-अभी निकले थे। मुझे समझते देर नहीं लगी कि घर में मेहमान आए थे। और मुझे यह भी पता है कि जब घर में मेहमान आते हैं, तो आप किस तरह उनकी … Read more

दुनिया की सबसे बड़ी दौलत

अपनी सगी माँ की सूरत रोहन को ठीक से याद भी नहीं थी। जब वह महज छह साल का था, तभी एक गंभीर बीमारी ने उसकी माँ को उससे छीन लिया था। घर में वैसे तो पिता दिनेश थे, लेकिन रोहन की परवरिश का पूरा जिम्मा उसकी विधवा बुआ, कमला पर आ गया था। बुआ … Read more

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