पिता का स्वाभिमान – डाॅ संजु झा
कुछ संतानें पिता के स्वाभिमान को अपने कर्मों से आसमान की ऊॅॅंचाईयों तक पहुॅंचा देखतीं हैं और कुछ संतानें ऐसी भी होती हैं, जिनके कारण पिता का स्वाभिमान खंड-खंड होकर बिखर जाता है। पौराणिक कथा का अष्टावक्र ऐसा ही पात्र हैं, आरंभ में जिसके आचरण के कारण उसके पिता कहोड़ ऋषि के स्वाभिमान को ठेस … Read more