निर्णय – संगीता त्रिपाठी
“सुलभा तुम ..”एक जानी पहचानी आवाज उसके कानों में टकराई ,कैसे भूल सकती है इस आवाज को ,जिसकी वो दीवानी थी ,। पलट कर देखा तो नितांत अजनबी सा बिखरे सफेद बालों वाला ,मोटे फ्रेम का चश्मा लगाए ,एक प्रौढ़ व्यक्ति खड़ा था । न ये सुशांत नहीं हो सकते……,उसके कानों ने गलत सुना … Read more