जैसी करनी वैसी भरनी – कविता भडाना

“आज फिर से सारा मोहल्ला अपनी अपनी छतों पर जमा होकर रामलाल के घर होने वाले हंगामे को चटखारे लेकर देख रहा था” रामलाल के दोनों बेटे बटवारे को लेकर आपस में हिंसक तरीके से लड़ रहे थे, दोनों की पत्नी और बच्चे भी अपने अपने स्तर पर मोर्चा संभाले हुए थे, गाली गलौच से … Read more

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