विषमता में समता ढूँढती लेखिका – रश्मि वैभव गर्ग

भरा,पूरा परिवार था मेरा.. एक बेटा ,एक बेटी, सास -ससुर का सानिध्य..खुद से भी ज्यादा चाहने वाला पति, संपन्नता …सब कुछ तो था ..जो एक गृहिणी अपने जीवन में चाहती है… बड़े बुजुर्गों के आशीर्वाद से सिंचित आशियाना ..जिसमें न केवल अपने सास ससुर ,बल्कि उनके मित्रों के आशीर्वाद से भी पूर्णतः संतृप्त रहती थी … Read more

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