जिंदगी की दूसरी पारी – परमा दत्त झा
आज फिर रोहन और उसकी पत्नी श्यामा विजय बाबू और उनकी पत्नी संग उलझ गए थे। पापा पैसे पेड़ पर नहीं उगते?-यह रोहन था। ऐसा क्या मांग लिया हमने,बस तेरी मां की दवा लाने को कहा था जो खत्म हो गई है।-वे सहज भाव से बोले। वहीं तो मैं समझा रहा हूं,पैसे पेड़ पर नहीं … Read more