गुस्सा एक दिन सब बर्बाद कर देगा – विनीता सिंह

रवि एक होनहार, मेहनती और समझदार लड़का था। वह पढ़ाई में हमेशा अच्छे अंक लाता था और अपने माता-पिता तथा शिक्षकों का प्रिय छात्र था। उसके बहुत से दोस्त भी थे, जो उसकी ईमानदारी और मदद करने की आदत की सराहना करते थे।

 लेकिन उसकी एक बहुत बड़ी कमजोरी थी—उसे छोटी-छोटी बातों पर बहुत जल्दी गुस्सा आ जाता था। जब भी कोई उसकी बात न माने या उससे गलती हो जाए, वह अपना आपा खो देता था। गुस्से में वह ऐसी बातें कह देता था, जिनका उसे बाद में पछतावा होता था।

उसके माता-पिता और शिक्षक उसे बार-बार समझाते थे कि गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन होता है। वे कहते थे कि जो व्यक्ति अपने क्रोध पर नियंत्रण नहीं रख पाता, वह एक दिन अपने रिश्ते, सम्मान और सफलता सब कुछ खो सकता है। रवि उनकी बात सुन तो लेता था, लेकिन उस पर अमल नहीं करता था।

एक दिन स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी की तैयारी चल रही थी। रवि और उसका सबसे अच्छा दोस्त अमित एक ही परियोजना पर काम कर रहे थे। तैयारी के दौरान अमित से गलती से मॉडल का एक हिस्सा टूट गया।

यह देखकर रवि को बहुत गुस्सा आ गया। उसने पूरी कक्षा के सामने अमित को बुरा-भला कहा और उसका अपमान कर दिया। अमित को बहुत दुख हुआ। उसने कुछ नहीं कहा, लेकिन उसके मन को गहरी ठेस पहुँची। 

उस दिन के बाद उसने रवि से दूरी बना ली।

धीरे-धीरे रवि का व्यवहार अन्य दोस्तों को भी पसंद नहीं आया। सभी उससे दूर रहने लगे। अब वह पहले की तरह खुश नहीं रहता था। उसे अकेलापन महसूस होने लगा। पढ़ाई में भी उसका मन नहीं लगता था। उसकी एकाग्रता कम होने लगी और परीक्षा में उसके अंक भी गिर गए। शिक्षक ने उससे कारण पूछा, तो वह चुप रहा। उसे समझ आने लगा कि उसके गुस्से ने उसकी खुशियाँ छीन ली हैं।

कुछ दिनों बाद विद्यालय में एक प्रेरणादायक भाषण का आयोजन हुआ। वक्ता ने कहा, “क्रोध कुछ क्षणों का पागलपन है। यदि इसे समय पर नहीं रोका जाए, तो यह वर्षों की मेहनत और रिश्तों को नष्ट कर सकता है।”

यह बात रवि के दिल को छू गई। उसे अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने सबसे पहले अमित से माफ़ी माँगी। अमित ने उसकी सच्ची पश्चाताप देखकर उसे माफ़ कर दिया। रवि ने अपने अन्य दोस्तों और शिक्षकों से भी क्षमा माँगी और यह संकल्प लिया कि वह आगे से अपने गुस्से पर नियंत्रण रखेगा।

इसके बाद रवि ने धैर्य रखना, शांत रहना और सोच-समझकर बोलना शुरू किया। धीरे-धीरे उसके दोस्त वापस उसके साथ जुड़ गए। उसकी पढ़ाई भी पहले जैसी अच्छी होने लगी। अब वह हर समस्या का समाधान गुस्से से नहीं, बल्कि समझदारी और शांति से करने लगा।

इस घटना से रवि ने जीवन का एक बहुत बड़ा सबक सीखा कि गुस्सा किसी समस्या का समाधान नहीं है। यह केवल रिश्तों, सम्मान और सफलता को नुकसान पहुँचाता है। इसलिए हमें हमेशा अपने क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए, क्योंकि गुस्सा सचमुच एक दिन सब कुछ बर्बाद कर सकता है।

विनीता सिंह बीकानेर राजस्थान 

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