बस बहुत हो गया – डॉ आभा माहेश्वरी

सुबह के छह बजे थे। अलार्म बजने से पहले ही सीमा की आँख खुल गई। वह रोज़ की तरह जल्दी-जल्दी उठी, रसोई में गई, चाय बनाई, बच्चों का टिफ़िन तैयार किया और पति राजेश के लिए नाश्ता बनाने लगी। घर के सारे काम निपटाते-निपटाते उसे खुद नाश्ता करने का भी समय नहीं मिलता था। राजेश … Read more

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