बस, अब बहुत हो गया मम्मी जी – मंजू ओमर

अरे कुछ ना पूछो कमला बहू एक नंबर की कामचोर है काम करने में तो उसका मन ही नहीं लगता। बस जी चुराती रहती है हर काम को,,जरा मौका लगा नहीं की बस कमरे में बैठ जाती है जाकर। अच्छा भाभी जी मुझे तो पता था कि आपकी बहू खूब अच्छे से काम संभालती है … Read more

“बस बहुत हो गया” – कमलेश आहूजा

दीवाली का दूसरा दिन था।सरोज ने पति रमेश से कहा-“चलो जी इस बार हम लोग ही सबके घर जाते हैं दीवाली की राम राम कहने।” “फिर समय से निकलना क्योंकि सबके लिए गिफ्ट्स व मिठाई के डिब्बे भी लेने हैं।” रमेश बोला। “बस मिठाई ही लेनी है गिफ्ट तो बहुत सारे पड़े हैं पिछले साल … Read more

*बस बहुत हो गया* – तोषिका

“*बस बहुत हो गया*। मेरी बेटी अब एक पल भी इस घर में नहीं रहेगी।” माही के पिता रामचरण ने बोला। “अरे पापा, आप ऐसा क्यों बोल रहे है, छोटी सी बात है इसमें घर ले जाने वाली कौन सी बात हो गई। शादी को अभी एक साल भी नहीं हुआ है।” माही के पति … Read more

बस बहुत हो गया – डॉ आभा माहेश्वरी

सुबह के छह बजे थे। अलार्म बजने से पहले ही सीमा की आँख खुल गई। वह रोज़ की तरह जल्दी-जल्दी उठी, रसोई में गई, चाय बनाई, बच्चों का टिफ़िन तैयार किया और पति राजेश के लिए नाश्ता बनाने लगी। घर के सारे काम निपटाते-निपटाते उसे खुद नाश्ता करने का भी समय नहीं मिलता था। राजेश … Read more

error: Content is protected !!