वह रानी रंग की साड़ी: एक खामोश प्रेम की गवाही

यह पढ़ते ही दोनों ननद-भौजाई एक दूसरे के गले लगकर जोर-जोर से रोने लगीं। सुमित्रा जी ने अपनी मौत की तैयारी भी जैसे पहले से ही कर रखी थी, ताकि जाने के बाद भी उनके बच्चों को कोई तकलीफ न हो। रोने की आवाज सुनकर विकास और पीछे-पीछे रघुनाथ जी भी भारी कदमों से कमरे … Read more

कच्चे धागों का पक्का रिश्ता

नैना  ने राधिका की आँखों में देखते हुए आगे कहा, “राधिका, तुमने मुझे हमेशा अपनी बड़ी बहन माना है ना? तो आज से मेरे ये दोनों भाई, तुम्हारे भी भाई हुए। इस घर की दहलीज के अंदर अगर मैंने तुम्हें अपनी बहन मान लिया है, तो मायके से आए ये मेरे भाई आज से तुम्हारे … Read more

रिश्तों की धूप-छाँव

“मम्मी जी,” स्वाति ने बहुत ही कोमलता से सुमित्रा जी का हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा, “मैं देख रही हूँ कि आप पिछले कुछ महीनों से बहुत परेशान हैं। हमने ममता को इसलिए रखा था ताकि आपको आराम मिले, लेकिन आप तो पहले से भी ज़्यादा थकने लगी हैं।” सुमित्रा जी ने गहरी … Read more

रिश्तों के खाली पन्ने

रोहन अपने कमरे से फोन पर बात करते हुए बाहर निकला। सामने माँ-बाप को देखकर उसके भी कदम रुक गए। उसने जल्दी से फोन काटा और आगे बढ़कर पिता के पैर छुए। फिर माँ के पैर छूते हुए थोड़ा झेंपते हुए बोला, “पापा, आप लोगों ने आने से पहले एक बार फोन तो किया होता! … Read more

छलावा: एक खूबसूरत धोखे की दास्तान

सुमन के हाथ से चाय का कप छलकते-छलकते बचा। उसने अपनी घबराहट को छुपाते हुए विषय बदल दिया, लेकिन उसके दिमाग में जैसे एक बवंडर उठ खड़ा हुआ था। घर लौटते समय रास्ते भर उसके दिमाग में श्रुति की कही बातें, वो लैपटॉप बैग, राजीव का बार-बार टूर पर जाना, सब कुछ एक फिल्म की … Read more

रिश्तों की असली वसीयत

 रामदीन जी मुस्कुराए और मुझे अपने पास बैठाते हुए बोले, “मैंने यह मकान एक ट्रस्ट को दान कर दिया है, मित्र। मेरे जाने के बाद यह पूरी तरह से अनाथ बच्चों का आश्रय स्थल बन जाएगा। और हां, जो पीछे वाला हिस्सा था, जिसे मैंने राघव को किराये पर दिया था, वो मैंने उसके नाम … Read more

भ्रम का टूटना: एक बेटी का फैसला

 समीर के शब्दों का चयन और लहजा संगीता  के लिए बिल्कुल नया था। उसने कहा, “नाटक नहीं है समीर, ये मेरी जिंदगी और मेरे परिवार की इज्जत का सवाल है। मैं अपने पिता को इस तरह धोखा नहीं दे सकती। अगर हम सच में प्यार करते हैं, तो हमें मेरे परिवार को मनाना चाहिए, भागना … Read more

वक्त का आइना

 लेकिन समय का पहिया हमेशा एक सी गति से नहीं चलता। जिंदगी ने अपनी करवट बदली। विक्रम को अचानक दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनका देहांत हो गया। विक्रम के जाने के बाद, नंदिनी का साम्राज्य जैसे ढह गया। वह घर, जिसे उन्होंने दुनिया के सबसे महंगे मार्बल और झूमरों … Read more

रिश्तों का तराज़ू

सुदीप्ति के माता-पिता ने जब अपनी बेटी की आँखों में आँसू और चेहरे पर मायूसी देखी, तो उनका दिल बैठ गया। उन्होंने विहान और उसके परिवार से बात करने की कोशिश की, ताकि रिश्ते को बचाया जा सके। लेकिन विहान के परिवार का रवैया बेहद अड़ियल था। दोनों परिवारों के बीच की बातचीत जल्द ही … Read more

खामोश समझौता

ये बातें सुजाता जी के दिल को छलनी कर देती थीं। जिस औरत ने जीवन भर अपने दम पर दुनिया का सामना किया था, आज उसे अपने ही घर में, अपने ही पहनावे और अस्तित्व के लिए ताने सुनने पड़ रहे थे। काव्या की माँ जब भी घर आतीं, तो वह भी काव्या की ही … Read more

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