मृगतृष्णा: एक अधूरे सच की कहानी
इस बार सुमित्रा जी ठीक नीरजा के पीछे खड़ी थीं और उन्होंने अपने ‘वारिस’ का हर एक शब्द सुन लिया था। उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई। जिस बेटे के लिए उन्होंने अपनी बेटी को हमेशा पराया समझा, जिस बेटे की खातिर उन्होंने अपने पति की सारी ज़िंदगी की कमाई लुटा दी, आज वो बेटा … Read more