आंसुओं की छांव
मेरे मन में उस समय चाचा और चाची के प्रति नफरत का एक ऐसा ज्वालामुखी धधक उठा था कि मैं रात को सोते हुए भी कांप उठती थी। सपने में भी अगर चाची का भयानक, तानों से भरा चेहरा नजर आता, तो मैं चीखकर उठ बैठती थी। जिस इंसान ने मेरी मां को बेबसी की … Read more