सासू मां की लाल डायरी
घर के मुख्य द्वार पर बंधे आम के पत्तों के तोरण और आंगन में बिखरे रंगोली के रंग नई नवेली दुल्हन के आगमन की गवाही दे रहे थे। दुल्हन बनकर आई थी अनन्या। रूप-रंग और संस्कारों में अनन्या जितनी परिपक्व थी, रसोई के काम-काज में उतनी ही कच्ची। पढ़ाई-लिखाई में हमेशा अव्वल रहने वाली अनन्या … Read more