दर्पण का सच
बड़े से शीशे के सामने खड़ी तान्या अपनी लंबी ज़ुल्फ़ों को संवार रही थी। उसकी दूधिया गोरी रंगत, तीखे नैन-नक्श और लंबी कद-काठी किसी को भी पहली नज़र में ठहरकर देखने पर मजबूर कर देती थी। कॉलेज के गलियारों से लेकर मोहल्ले की हर शादी-समारोह तक, तान्या की तारीफ़ों के पुल बंधते थे। इसी तारीफ़ … Read more