नई सोच – रश्मि वैभव गर्ग

सुम्मी …बुलाते थे सब उसको प्यार से। सुषमा नाम तो सिर्फ़ स्कूल में ही सुनती थी वह। अपने बहिन ,भाइयों में सबसे बड़ी होने की वजह से बचपन से ही ज़िम्मेदारी लेना उसके स्वभाव में ही आ गया था। पिता के यहाँ छोटा ही परिवार था ,लेकिन उसको पारिवारिक तालीम अच्छी तरह से मिली थी।जैसे … Read more

एक बहू की समझदारी – राहुल कुमार

परंपरा और आधुनिकता का सुंदर मेल सजाया है, बिखरते हुए एक आँगन को प्रेम से पुनः संवारा है। बहू की पावन समझदारी ने मिटा दिया हर फासला, अनुभव और नई उमंगों का अद्भुत सेतु बनाया है। ​बनारस के पुराने मोहल्ले में स्थित शर्मा निवास अपनी पुरानी ईंटों और लकड़ी के नक्काशीदार दरवाजों के लिए जाना … Read more

error: Content is protected !!