भरोसा – संध्या सिन्हा 

हेलो जय! भैया की तबियत ठीक नहीं है.. किसी बड़े डॉक्टर को दिखा दो। ठीक है भा… भी, (जय पूरी बात भी ना कर पाया था कि… उसकी पत्नी नीता ने फ़ोन काट दिया और बोली  “क्या ठीक है.. तुम भी ना जय समझते नहीं हो… ये भाभी का शहर आने का बहाना है और … Read more

भरोसा – नेहा जैन

बरसात की हल्की बूंदें शहर की ऊंची इमारतों पर गिर रही थीं। रात के करीब ग्यारह बजे थे, लेकिन “सिटी केयर हॉस्पिटल” की चौथी मंजिल पर हलचल अभी भी जारी थी। कमरा नंबर 407 के बाहर एक आदमी बेचैनी से टहल रहा था। उसकी आंखों में डर था… और माथे पर पसीना। वो बार-बार डॉक्टर … Read more

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