एक ही आँगन की दो उड़ानें
दीनानाथ जी ने आगे कहा, “एक बात हमेशा याद रखना सावित्री, ताली कभी एक हाथ से नहीं बजती। रोहन आज अगर इतनी शांति से अपना काम कर पा रहा है, तो इसलिए क्योंकि पीछे से मीरा ने घर को एक मजबूत खंभे की तरह संभाल रखा है। अगर मीरा खुश नहीं रहेगी, तो तुम यह … Read more