पसीने से लिखी तकदीर
बेटी की बातें सुनकर सावित्री का दिल छलनी हो गया। एक माँ के लिए अपने जीते-जी बच्चे के भविष्य पर ऐसा कुठाराघात सहना बहुत मुश्किल था। उसे लगा कि बाहर जाकर उन ढोंगी बाबा को खूब खरी-खोटी सुनाए, लेकिन घर की मर्यादा और सास के डर से वह खून का घूंट पीकर रह गई। उसने … Read more