परंपरा और आधुनिकता की पहेली
अनन्या अवाक रह गई। वह कुछ बोल ही नहीं पा रही थी। आधुनिकता की तमाम दलीलें देने वाली अनन्या को अचानक अपनी ही भारतीय जड़ों का एहसास होने लगा। उसका दिमाग तेज़ी से दौड़ने लगा। ‘होने वाले सास-ससुर के सामने मैं एक ही कमरे में रोहन के साथ कैसे रहूँगी? मैं उनके सामने सुबह-सुबह बिना … Read more