“ये कैसा बंधन” – कमलेश आहूजा
रमा के सामने वाले फ्लैट में सुबह से हलचल मची हुई थी। वह फ्लैट काफी समय से खाली पड़ा था। इस फ्लोर पर सिर्फ दो ही फ्लैट थे, इसलिए रमा बहुत खुश थी कि चलो, पड़ोसी आ जाने से उसका अकेलापन कुछ कम होगा। वह उत्सुक थी कि आखिर उसके नए पड़ोसी कौन हैं। उसने … Read more