बेइंतहा दर्द – मंजू ओमर

मां आपका सूटकेस तैयार है और आपने अपनी दवाइयां रख ली, लेकिन बेटा हम जा कहां रहे हैं, इतना सामान की क्या जरूरत थी हम तो मंदिर में दर्शन करने को जा रहे थे ना, आज वह तेरे पिताजी की वरसी थी तो मैंने सोचा मंदिर में दर्शन कर ले और वहां गरीबों को कुछ … Read more

“पछतावे का दर्द” – कमलेश आहूजा

नेहा किचन में काम कर रही अपनी नंद प्रिया के पास आई उसे लगा,घर में कोई नहीं है तो यही सही समय है प्रिया से बात करने का क्योंकि फिर उसके जेठ जेठानी आने वाले थे।नेहा की सास के पास ज्यादा तो कुछ था नहीं बस थोड़े बहुत जेवर थे,सो वो भी उन्होंने नेहा को … Read more

दर्द जब दवा बन जाए – शुभ्रा बैनर्जी

“अरे मम्मी,इतना बड़ा कट लग गया है चाकू से।खून भी बहुत बह रहा है।तुम छोड़ो ये सब।मैं कर लूंगी।बैन्ड एड लगा लो चलो।” रिद्धि(बेटी) लगभग चीखते हुए बोली।रमा ने हंसकर कहा”अरे,इतना भी गहरा घाव नहीं हुआ है रे।मैं चूना और हल्दी लगा लेती हूं,अभी खून रुक जाएगा।तू इतना घबरा मत।चिल्लाना बन्द कर।”  “अच्छा,घाव ज्यादा नहीं … Read more

दर्द – सुनीता मलिक सोलंकी

“तुमसे मिलना मेरी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत दर्द है, कबीर।”आराधना  ने ये बात उस दिन कही थी, जिस दिन कबीर ने पहली बार उसका हाथ थामा था। मरीन ड्राइव पर समंदर की लहरें किनारे से टकरा रही थीं, और आराधना की आँखें कबीर के चेहरे पर टिकी थीं। कबीर हँस पड़ा था — “दर्द खूबसूरत … Read more

*दर्द* – तोषिका

ये जो तुमने मुझे *दर्द* दिया है ना, मैं इसको कभी भी नहीं भूलूंगी। रोती हुई स्नेहा ने अपने भाई विजय को बोला। *कुछ साल पहले* स्नेहा अपने पूरे परिवार के साथ रहती थी और बहुत ही संस्कारी भी थी, दूसरी तरफ उसका छोटा भाई विजय मस्तीखोर था लेकिन पढ़ाई में भी अच्छा था। दोनों … Read more

दर्द – मधु वशिष्ठ

बहुत समय बाद हैदराबाद में जब दोनों सहेलियां मिलीं तो उनकी बातें ,हंसी ,खुशी कुछ भी खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी।  बहुत समय बाद मिली थी इसलिए अपने सारे दर्द और खुशियां भी साझा कर रही थी।  डोमिनोस में जाने वह कब से बैठी थीं तभी हंसते हुए मीनल ने राखी से … Read more

असहनीय दर्द – गीता वाधवानी

 पल्लवी नींद में चिल्ला रही थी” छोड़ो मुझे, अंकल ऐसा मत करो, मुझे छोड़ो। ”   उसका पति आकाश हैरान परेशान था। उसकी कल ही पल्लवी से शादी हुई थी और आज वह नींद में चिल्ला रही थी। उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्यों चिल्ला रही है। उसने झकझोर कर पल्लवी को जगा … Read more

दर्द – डाॅ संजु झा

 मनुष्य के जीवन में सुख-दुख का मेला लगा ही रहता है।नियति के खेल निराले हैं, उसमें कभी तो सुखों की बरसात होती है और कभी दर्द के काले बादल  उसकी जिंदगी में अंधेरा कर जाते हैं । फिर अचानक से उसकी जिंदगी के आसमान में बिजली चमककर एक नया रास्ता भी दिखा देती है। बारह … Read more

आखिरी फोन कॉल – लतिका श्रीवास्तव

पैर पत्थर से टकराया और दर्द की एक तीखी लहर रमिया के शरीर में दौड़ गई। वह लड़खड़ाकर सड़क किनारे बैठ गई। घुटने से रिसते खून को देखकर उसने अनायास ही एक फीकी मुस्कान भर दी। “इतना दर्द तो नहीं था…” उसने मन ही मन सोचा। दर्द की असली परिभाषा तो उसे उस आखिरी फोन … Read more

ख्वाहिश का दर्द – अंजना ठाकुर

सुनो जी इस बार मेरी बहन गुजरात घूमने जाने का प्रोग्राम बना रही मुझे द्वारकाधीश के दर्शन करने का बड़ा मन है मुझसे भी पूछ रही इस बार हम चलें क्या नीलम ने डरते -डरते अपने पति गिरीश से पूछा ‘हर बार की तरह गिरीश का बही जवाब, अभी पहले घर की जिम्मेदारी तो पूरी … Read more

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