बेइंतहा दर्द – मंजू ओमर
मां आपका सूटकेस तैयार है और आपने अपनी दवाइयां रख ली, लेकिन बेटा हम जा कहां रहे हैं, इतना सामान की क्या जरूरत थी हम तो मंदिर में दर्शन करने को जा रहे थे ना, आज वह तेरे पिताजी की वरसी थी तो मैंने सोचा मंदिर में दर्शन कर ले और वहां गरीबों को कुछ … Read more