रिश्तों की कीमत – करुणा मलिक
प्रकाश के पापा, मुझे लगता है कि वसीयत लिखकर वकील के पास रखने में ही ठीक रहेगा वरना प्रभात की बहू हमारे मरते ही तुरंत घर- जमीन के दो टुकड़े करवा देगी और औने-पौने दाम में बिकवा कर चलती बनेगी। हाँ, कह तो तुम ठीक रही हो पर क्या दोनों बेटियाँ अपना हिस्सा लेंगी? वे … Read more