सिंदूरी उम्मीद की वापसी
अवंतिका को अपनी ओर देखते पाकर समर की आंखें झुक गईं। एक वीर सिपाही, जो दुश्मनों के सामने कभी नहीं झुका, आज अपनी पत्नी के सामने हीनभावना और अपराधबोध से गड़ गया। उसके कांपते होठों से सिर्फ इतना निकला, “अवंतिका… मैं पूरा नहीं लौट सका। मैं आधा होकर लौटा हूँ। मुझे कई महीनों तक दुश्मन … Read more