अपनों की छांव
आरव अवाक होकर उसे देखने लगा। मानसी ने अपने आंसू पोंछते हुए कहा, “आरव, मैं कितनी अंधी हो गई थी! तुम्हारे मम्मी-पापा और चंचल-महक ने तुम्हारी शादी के कितने सपने देखे होंगे। उन्होंने सोचा होगा कि घर में बहू आएगी, भाभी आएगी, और कल को जब हमारे बच्चे होंगे तो वे उस आंगन में किलकारियां … Read more