“बुढ़ापा तो सबको आता है “। – उमा वर्मा
श्याम वर्ण श्यामा भले ही सांवली सलोनी थी पर चेहरे पर मासूमियत और सुन्दरता मे कोई कमी नहीं थी।तभी तो पिता ने श्यामा नाम धर दिया था बेटी का ।बहुत शांत और सुशील श्यामा ने मैट्रिक पास ही किया था कि पिता ने अच्छा घर वर देख कर उसकी शादी तय कर दी । बहुत … Read more