सिल्क की साड़ी पहनने की हसरत ही रह गई – मंजू ओमर
सपना आज बहुत खुश थी। आज उसे मुहल्ले मे उसके दो मकान छोड़ कर रहने वाली शांति जी के पोती का महिलाओं का संगीत कार्यक्रम था। शादी थी उसकी,,जो दूसरे शहर से हो रही थी। उसी के उपलक्ष्य मे ये प्रोग्राम रखा था। गाने बजाने के साथ खाने पीने का भी कार्यक्रम था। सपना ने … Read more