घर की असली लक्ष्मी
देवांश के हर एक शब्द ने मालती आंटी के अहंकार पर करारा प्रहार किया था। उनके चेहरे का रंग उड़ गया था। पहली बार उन्हें आईना दिखाया गया था, और वह आईना किसी गैर ने नहीं, बल्कि उनके अपने बेटे ने दिखाया था जिसे वे अपनी सबसे बड़ी जागीर समझती थीं। हरिशंकर जी भी आगे … Read more