स्वाभिमान की नींव
तान्या का चेहरा गुस्से और अचरज से लाल हो गया। उसने तल्ख़ आवाज़ में कहा, “केशव जी, आप बहुत भावुक हो रहे हैं। ज़मीनी हकीकत को समझिए। आज के दौर में कोई भी आज़ाद खयालों की लड़की सास-ससुर के साथ रहकर अपनी ज़िंदगी खराब नहीं करना चाहती। आपको लगता है कि आपकी इस हालत के … Read more