दर्द – डाॅ संजु झा

 मनुष्य के जीवन में सुख-दुख का मेला लगा ही रहता है।नियति के खेल निराले हैं, उसमें कभी तो सुखों की बरसात होती है और कभी दर्द के काले बादल  उसकी जिंदगी में अंधेरा कर जाते हैं । फिर अचानक से उसकी जिंदगी के आसमान में बिजली चमककर एक नया रास्ता भी दिखा देती है। बारह … Read more

आखिरी फोन कॉल – लतिका श्रीवास्तव

पैर पत्थर से टकराया और दर्द की एक तीखी लहर रमिया के शरीर में दौड़ गई। वह लड़खड़ाकर सड़क किनारे बैठ गई। घुटने से रिसते खून को देखकर उसने अनायास ही एक फीकी मुस्कान भर दी। “इतना दर्द तो नहीं था…” उसने मन ही मन सोचा। दर्द की असली परिभाषा तो उसे उस आखिरी फोन … Read more

ख्वाहिश का दर्द – अंजना ठाकुर

सुनो जी इस बार मेरी बहन गुजरात घूमने जाने का प्रोग्राम बना रही मुझे द्वारकाधीश के दर्शन करने का बड़ा मन है मुझसे भी पूछ रही इस बार हम चलें क्या नीलम ने डरते -डरते अपने पति गिरीश से पूछा ‘हर बार की तरह गिरीश का बही जवाब, अभी पहले घर की जिम्मेदारी तो पूरी … Read more

दर्द – सुदर्शन सचदेवा

“अजी सुनते हो… नेहा आ रही है!” रसोई से उत्साह भरी आवाज़ आई। यह सुनते ही रमेश जी के चेहरे पर मुस्कान खिल उठी। “सच! कितने दिनों बाद हमारी बेटी घर आ रही है।” उन्होंने तुरंत अख़बार एक तरफ रखा और बोले, “उसकी पसंद की कचौरी, खीर और आलू के पराठे बनाना… और हाँ, उसका … Read more

मेरे माँ बाप ने मुझे ऐसे संस्कार नहीं दिए है – मंजू ओमर

माँ मै आज से अलग घर मे रहने जा रहा हूँ सलोनी के साथ। क्यों बेटा उर्मिला जी ने पूछा बेटे कपिल से, क्योंकि सलोनी अब इस घर मे आप लोगो के साथ नहीं रहना चाहती। तभी पीछे से सलोनी आ गई। इसी महारानी ने तुझे भडकाया होगा वरना मेरा बेटा तो ऐसा नहीं है … Read more

बिना शर्त का समझौता – शुभ्रा बैनर्जी 

“बेबी,कल हमें मम्मी के घर जाना है।दो दिन रुकने को बोल रही थी मम्मी।तुमने फोन उठाया ही नहीं।कब से तुम्हें फोन कर रहीं थीं वो।” सौरभ ने मधु को बड़े प्यार से चाय का कप पकड़ाते हुए कहा। वैसे तो सुरभि(सौरभ की मां)जी और उनके पति(सुधीर) की सहमति से ही सौरभ और मधु की शादी … Read more

*तुम्हारा मायका तुम्हारे ससुराल से बढ़कर है क्या?* – तोषिका

बहु क्या *तुम्हारा मायका तुम्हारे ससुराल से बढ़कर है क्या?* गुस्से वाली आवाज में लक्ष्मी ने अपनी बहु जाह्नवी से पूछा। नहीं ऐसा कुछ नहीं है, आप ऐसा क्यों बोल रही हो? अब मैं अपने मायके भी बात नहीं कर सकती क्या? मायके में बात करने के लिए कोई भी तुम्हे मना नहीं कर रहा … Read more

दर्द – रंजना गुप्ता

माँ, आप चिंता मत करना। यहाँ आपका बहुत अच्छा ख्याल रखा जाएगा। राहुल ने मुस्कुराने की कोशिश करते हुए कहा। सामने वृद्धाश्रम का बड़ा सा फाटक था। फाटक के ऊपर लिखा था *स्नेह सदन वृद्धाश्रम* कमला देवी ने बेटे की ओर देखा और मुस्कुरा दीं अरे पगले, मैं कोई बच्ची हूँ क्या? तू अपनी चिंता … Read more

सीख – खुशी

रागिनी और राम का एक प्यारा सा परिवार था।जिसमें राम के पिता नंदकिशोर और उसकी मां रमा थे ।तीन बच्चे महक, प्रफुल और नरेन थे।सुखी परिवार था दादा दादी बच्चों को अच्छी शिक्षा देते।राम कुमार बैंक में थे और नंदकिशोर सरकारी अध्यापक थे।उनकी गाँव में जमीन थी जिसको  आधा बेच उन्होंने  एक मकान बनवा लिया … Read more

हमारा परिवार सबसे सुंदर – सुदर्शन सचदेवा

“दुनिया का सबसे सुंदर परिवार कौन-सा है?” पाँचवीं कक्षा की शिक्षिका ने बच्चों से यह प्रश्न पूछा तो पूरी कक्षा में उत्साह भर गया। किसी ने कहा, “जिसके पास सबसे बड़ा घर हो।” किसी ने कहा, “जिसके पास बहुत पैसा हो।” एक बच्चे ने कहा, “जिस परिवार के लोग कभी झगड़ा न करते हों।” कक्षा … Read more

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