अंधी दौड़ – गरिमा चौधरी
आलोक एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर था। उसकी ज़िंदगी सुबह मोबाइल के अलार्म से शुरू होती थी और रात को लैपटॉप की स्क्रीन बंद होने पर खत्म होती थी। अपनी माँ, सुमित्रा देवी को गाँव में अकेला न छोड़कर वह शहर अपने साथ तो ले आया था, लेकिन उन्हें देने … Read more