ज़मीर का आईना: एक बेटे की अधूरी पहचान
आज रामनाथ और कौशल्या की शादी की पचासवीं सालगिरह थी। विकास के मन में सुबह से ही एक अजीब सी बेचैनी थी। उसे याद था कि बचपन में वह इस दिन अपने माता-पिता के लिए अपने गुल्लक के पैसे तोड़कर एक छोटा सा केक लाता था। ग्लानि के एक क्षणिक झोंके ने आज उसे मजबूर … Read more