अपने हुए पराए – डाॅ संजु झा
आसमान में सुबह से ही सूरज बादलों के साथ ऑंख-मिचौनी खेल रहा था।कभी बादलों की ओट में बिल्कुल छुप जाता और कभी अचानक से बादलों की ओट से निकलकर सारी पृथ्वी पर अपनी किरणों से उजाला भर जाता। जन्म के बाद से ही विदेश की धरती पर रहने पर भी अल्बर्ट को यहाॅं का मौसम … Read more