टूटी बेड़ियाँ, नया सवेरा
यह जानकर राघव के मन में जानकी के प्रति सम्मान सौ गुना बढ़ गया। उसने सोचा कि क्या वह जीवन भर एक भगोड़े की तरह जिएगा? क्या वह केवल अपने दुर्भाग्य पर आँसू बहाता रहेगा? नहीं, यदि उसने गलती की थी, तो उस गलती को स्वीकार करने और क्षमा माँगने का साहस भी उसी को … Read more