टूटे धागे, मजबूत इरादे
नौ साल एक लंबा अरसा होता है, इतना लंबा कि किसी गहरे घाव पर वक्त की चमड़ी चढ़ जाए, पर अंदर की कसक पूरी तरह कभी खत्म नहीं होती। जब अवंतिका की गाड़ी “शांति कुंज” के बड़े से लोहे के फाटक के सामने रुकी, तो उसके हाथ खुद-ब-खुद स्टीयरिंग व्हील पर कस गए। पतझड़ के … Read more