“अपनों का साथ ” – उमा वर्मा
सुमित्रा चार महीने से बिस्तर पर पड़ी हुई है ।बस लेटे रहना और खाना यही दिन चर्या बन गई है।अपने से कुछ कर नहीं सकती है ।बहु और बेटी सेवा में लगी रहती है ।व्हील चेयर पर बिठा कर बाथरूम ले जाना, नहलाना,सफाई सबकुछ के लिये दूसरे पर आश्रित हो गई है।बहुत तकलीफ होती है … Read more