अपनों का साथ ही सबसे बड़ी दौलत है – हिमानी बंसल

“रिश्ते अपने आप नहीं टूटते। वे तब टूटते हैं जब बात करना बंद हो जाता है, एक-दूसरे को समझना बंद हो जाता है और ‘मैं’ की जगह ‘हम’ खो जाता है।” नैना बचपन से ही मेधावी, आत्मविश्वासी और स्पष्टवादी थी। वह हर बात साफ़-साफ़ कहती थी। उसका उद्देश्य कभी किसी का दिल दुखाना नहीं होता … Read more

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