कब तक आत्मसम्मान खोकर जीऊँ – मंजू ओमर

विवेक मुझे ₹200 दे देना ऑफिस जाने से पहले इतना कह के काजल विवेक का खाना पैक करने लगी । और जब विवेक का ऑफिस जाने के लिए कमरे से बाहर आया तो काजल ने उसका टिफिन देते हुए बोली विवेक वह ₹200 दे दो मुझे जाने से पहले। अरे क्या है यह रोज तुम … Read more

कब तक आत्म सम्मान खोकर जिएगी – सीमा सिघी

अरे सौम्या यह बिखरी हुई रसोई तुमने अब तक समेटी नहीं??? मैं तुमसे कितनी बार कहा है… मुझे सफाई पसंद है। मुझे इस तरह बिखरी हुई रसोई बिल्कुल अच्छी नहीं लगती है। तुम सब जानती हो…फिर भी तुम इन्हें अधूरा छोड़कर कमरे में चली गई कहते हुए निर्मला जी सौम्या के बिल्कुल करीब आकर खड़ी … Read more

*कब तक आत्मसम्मान खोकर जियोगी* – तोषिका

सुबह सुबह ये क्या हो गया? प्रीति ने अपने माथे पर हाथ मारते हुए बोला। तभी वहां उसकी बेटी रैना आई, उसने चिंतित होते हुए पूछा “क्या हुआ मां, ये कौन सी आवाज आई। प्रीति बोली “कुछ नहीं बेटा, तुम्हारे लिए दूध डाल रही थी कि अचानक से हाथ से पतीला गिर गया और सारा … Read more

आत्मसम्मान – खुशी

रितु एक सीधी साधी लड़की थी।घर में पिताजी श्याम मां सुनीता थे।पिता जी की इच्छा सुपुत्र की थी परंतु वो नहीं हो पाया ।मां सुनीता रितु के बाद दो बार गर्भवती रही पर दोनों बार लड़कियां होने के कारण दादी ने गर्भपात करवा दिया।फिर चौथी बार बेटा था परंतु सातवें महीने में सीढ़ियों से गिरने … Read more

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